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गोरखपुर की सभी शुगर मिल्स 2026 — जिलेवार लिस्ट

Randhir Patil Randhir Patil Aug 31, 2026 9 min read
गोरखपुर की सभी शुगर मिल्स 2026 — जिलेवार लिस्ट
अंतिम अपडेट: August 31, 2026 10:10 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

गोरखपुर की शुगर मिल्स उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में गन्ना किसानों की आय का प्रमुख स्रोत हैं। अगर आप गोरखपुर जिले के गन्ना किसान हैं और 2026 के पेराई सत्र में अपनी फसल कहाँ भेजनी है, यह जानना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए है। यहाँ हमने गोरखपुर जिले की सभी चीनी मिलों की विस्तृत जानकारी एकत्र की है — जिसमें TCD क्षमता, स्थान, पर्ची कैलेंडर देखने का तरीका, MSP दर और किसानों के लिए उपयोगी सुझाव शामिल हैं।

त्वरित सारांश (TL;DR)

विवरणजानकारी
जिलागोरखपुर, उत्तर प्रदेश
कुल चीनी मिलें3
कुल क्षमता (अनुमानित)~14,500 TCD
प्रमुख मिलसरदारनगर चीनी मिल (सराया शुगर मिल्स)
MSP (गन्ना मूल्य) 2025-26₹340-350/कुंतल (सामान्य), ₹355-365/कुंतल (अगेती)
पर्ची कैलेंडरcaneup.up.gov.in पर उपलब्ध

लेखक नोट: यह जानकारी अगस्त 2026 तक अपडेट है। मिल क्षमता और MSP दरों में परिवर्तन हो सकता है। कृपया नवीनतम जानकारी के लिए जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय या CaneUp पोर्टल पर जाँच करें।


गोरखपुर जिले में गन्ना उत्पादन की स्थिति

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थित एक महत्वपूर्ण जिला है जो गन्ना खेती के लिए जाना जाता है। यहाँ की उपजाऊ भूमि और अनुकूल जलवायु गन्ना उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है। गोरखपुर जिले में कुल 3 चीनी मिलें सक्रिय हैं जो किसानों की गन्ना फसल की खरीद और प्रसंस्करण का कार्य करती हैं।

जिले में गन्ना खेती मुख्य रूप से राप्ती और रोहिन नदियों के किनारे की उपजाऊ जमीन पर होती है। यहाँ के किसान Co 0238, CoS 767, CoSe 95422 और Co 86032 जैसी उन्नत किस्मों की खेती करते हैं। गोरखपुर की जलवायु गन्ना खेती के लिए उपयुक्त है — यहाँ गर्मियों में पर्याप्त गर्मी और मानसून में अच्छी बारिश होती है।

गोरखपुर में गन्ना खेती के प्रमुख क्षेत्र

गोरखपुर जिले में गन्ना खेती मुख्य रूप से निम्नलिखित ब्लॉकों में होती है:

  • कैम्पियरगंज — यहाँ बड़े पैमाने पर गन्ना खेती होती है
  • पिपरौइच — पिपरौइच चीनी मिल के आसपास का क्षेत्र
  • सहजनवाँ — राप्ती नदी के किनारे का उपजाऊ क्षेत्र
  • बाँसगाँव — गन्ना खेती का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र
  • चौरीचौरा — यहाँ भी गन्ना खेती महत्वपूर्ण है

गोरखपुर की सभी चीनी मिलों की विस्तृत सूची

1. धुरियापार किसान शुगर मिल्स लिमिटेड, देईडीहा

विवरणजानकारी
मिल का नामधुरियापार किसान शुगर मिल्स लिमिटेड
स्थानधुरियापार हरपार, PO. गजपुर, देईडीहा
अनुमानित क्षमता~3,500 TCD
प्रकारसहकारी (को-ऑपरेटिव)
संपर्क(05521) 230142, 234280
स्थितिसक्रिय

यह मिल गोरखपुर जिले की प्रमुख सहकारी चीनी मिल है। यहाँ गन्ना किसानों को सीधे पर्ची के माध्यम से गन्ना आपूर्ति का अवसर मिलता है। मिल प्रबंधन द्वारा हर सत्र में गन्ना खरीद की एक निर्धारित कैलेंडर जारी किया जाता है।

सहकारी मिल होने के कारण किसानों की इसमें सीधी भागीदारी होती है। किसान इस मिल के शेयरधारक होते हैं और मिल के लाभ में उनकी हिस्सेदारी होती है। यह मिल देईडीहा और आसपास के गाँवों के किसानों के लिए गन्ना खरीद का प्रमुख केंद्र है।

इस मिल की विशेषताएँ:

  • सहकारी मॉडल पर आधारित संचालन
  • किसानों की सीधी भागीदारी
  • स्थानीय स्तर पर गन्ना खरीद
  • नियमित भुगतान की सुविधा

2. उ.प्र. राज्य शुगर एवं गन्ना विकास निगम लिमिटेड, पिपरौइच

विवरणजानकारी
मिल का नामयूपी स्टेट शुगर एंड केन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड
स्थानपिपरौइच, गोरखपुर
अनुमानित क्षमता~3,500 TCD
प्रकारराज्य सरकार (PSU)
संपर्कजिला गन्ना अधिकारी कार्यालय, गोरखपुर
स्थितिसक्रिय

पिपरौइच चीनी मिल उत्तर प्रदेश राज्य शुगर निगम की इकाई है। यह सरकारी मिल होने के कारण किसानों को गन्ना भुगतान में अपेक्षाकृत सुरक्षा मिलती है। यह मिल गोरखपुर के पिपरौइच क्षेत्र में स्थित है और आसपास के गाँवों के किसानों के लिए मुख्य गन्ना खरीद केंद्र है।

यूपी शुगर निगम की विशेषताएँ:

  • राज्य सरकार द्वारा संचालित
  • भुगतान में अधिक विश्वसनीयता
  • गन्ना किसानों के लिए विशेष योजनाएँ
  • सरकारी नियमों के अनुसार संचालन

3. सराया शुगर मिल्स, सरदारनगर

विवरणजानकारी
मिल का नामसराया शुगर मिल्स
स्थानPO. सरदारनगर, गोरखपुर
अनुमानित क्षमता~7,500 TCD
प्रकारनिजी (प्राइवेट)
संपर्क(0551) 2711389, 2711159, 2711160
स्थितिसक्रिय

सरदारनगर चीनी मिल गोरखपुर जिले की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण चीनी मिल है। यह निजी क्षेत्र की मिल है जो उच्च क्षमता पर कार्य करती है। इस मिल के आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में गन्ना किसान हैं जो हर साल अपनी फसल यहाँ भेजते हैं।

सरदारनगर मिल की विशेषताएँ:

  • जिले की सबसे बड़ी क्षमता (~7,500 TCD)
  • आधुनिक पेराई तकनीक
  • बड़ी संख्या में किसानों की गन्ना खरीद
  • चीनी उत्पादन के साथ-साथ अन्य उप-उत्पाद

गोरखपुर चीनी मिल्स — क्षमता तुलना तालिका

क्र.सं.मिल का नामस्थानअनुमानित TCDप्रकार
1धुरियापार किसान शुगर मिल्सदेईडीहा~3,500सहकारी
2यूपी स्टेट शुगर कॉर्पोरेशनपिपरौइच~3,500सरकारी
3सराया शुगर मिल्ससरदारनगर~7,500निजी
कुल~14,500

पर्ची कैलेंडर कैसे देखें — गोरखपुर जिला

गन्ना पर्ची कैलेंडर किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पता चलता है कि आपकी गन्ना डिलीवरी कब होगी। गोरखपुर जिले की चीनी मिलों का पर्ची कैलेंडर देखने के लिए:

चरण-दर-चरण प्रक्रिया:

  1. CaneUp पोर्टल पर जाएँ — अपने ब्राउज़र में caneup.up.gov.in खोलें
  2. लॉगिन करें — अपना गन्ना पर्ची नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करें
  3. पर्ची कैलेंडर विकल्प चुनें — होमपेज पर “पर्ची कैलेंडर” या “Cane Slip Calendar” पर क्लिक करें
  4. मिल का चयन करें — अपनी चीनी मिल का नाम चुनें (धुरियापार / पिपरौइच / सरदारनगर)
  5. तिथि देखें — आपकी गन्ना डिलीवरी की तिथि और पर्ची नंबर दिखाई देगा

प्रो टिप: पर्ची कैलेंडर हर सप्ताह अपडेट होता है। हर शनिवार को अगले सप्ताह की पर्ची जारी होती है। CaneUp ऐप डाउनलोड करें ताकि नोटिफिकेशन मिलते रहें।

अन्य तरीके:

  • SMS के माध्यम से: अपना गन्ना पर्ची नंबर 092123 57123 पर SMS करें
  • जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय: गोरखपुर में जिला गन्ना अधिकारी (DCO) कार्यालय में संपर्क करें
  • मिल गेट पर: संबंधित चीनी मिल के गेट पर भी पर्ची कैलेंडर की सूची चस्पा रहती है
  • गन्ना समिति: अपनी गन्ना सहकारी समिति के सचिव से संपर्क करें

गन्ना MSP दर 2025-26 — गोरखपुर

भारत सरकार द्वारा हर वर्ष गन्ने का Fair and Remunerative Price (FRP) घोषित किया जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार State Advised Price (SAP) निर्धारित करती है जो FRP से अधिक होती है।

गन्ना मूल्य दर तालिका (2025-26):

गन्ना प्रजातिSAP दर (₹/कुंतल)बोनस सहित
सामान्य गन्ना (General)₹340₹340-350
अगेती गन्ना (Early)₹355₹355-365
अनुमोदित किस्में (Approved varieties)₹350₹350-360

FRP और SAP में अंतर

  • FRP (Fair and Remunerative Price): भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मूल्य। यह पूरे भारत में लागू होता है।
  • SAP (State Advised Price): उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य। यह FRP से अधिक होता है।
  • बोनस: कुछ मिलें SAP के अतिरिक्त बोनस भी देती हैं।

महत्वपूर्ण: ये दरें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित SAP 2025-26 पर आधारित हैं। प्रत्येक पेराई सत्र में नई दरें घोषित होती हैं। 2026-27 के लिए नई दरों की घोषणा अक्टूबर-नवंबर 2026 में होने की उम्मीद है।


गन्ना किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

गन्ना आपूर्ति से पहले:

  • तौल पर्ची सत्यापित करें — मिल पर गन्ना तौल के बाद पर्ची अवश्य लें और उसे जाँचें
  • गन्ना शुद्धता बनाए रखें — मिट्टी, पत्तियाँ और अन्य अशुद्धियाँ हटाकर ही गन्ना भेजें
  • समय पर आपूर्ति — पर्ची कैलेंडर के अनुसार ही गन्ना लेकर जाएँ
  • गन्ना काटने का समय — सुबह जल्दी गन्ना काटने से वजन अधिक आता है
  • गन्ना ढककर ले जाएँ — धूप में गन्ना सूखने से वजन कम होता है

भुगतान संबंधी सावधानियाँ:

  • बैंक खाता अपडेट रखें — CaneUp पोर्टल पर अपना बैंक खाता विवरण सही रखें
  • भुगतान की स्थिति जाँचें — CaneUp पोर्टल पर ऑनलाइन भुगतान स्थिति देख सकते हैं
  • गन्ना समिति से संपर्क — किसी भी समस्या के लिए अपनी गन्ना समिति से संपर्क करें
  • भुगतान रसीद संभालें — हर भुगतान की रसीद सुरक्षित रखें

प्रो टिप: अगर आपका गन्ना भुगतान 14 दिनों के भीतर नहीं मिलता है, तो आप जिला गन्ना अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में गन्ना भुगतान के लिए 14 दिन की समयसीमा निर्धारित है।

गन्ना खेती के लिए आधुनिक सुझाव:

  • उन्नत किस्मों का चयन — Co 0238, CoS 767 जैसी उच्च रिकवरी वाली किस्में लगाएँ
  • सिंचाई का प्रबंधन — ड्रिप सिंचाई या स्प्रिंकलर सिंचाई का उपयोग करें
  • खाद और उर्वरक — मिट्टी परीक्षण के आधार पर खाद डालें
  • कीट और रोग प्रबंधन — नियमित रूप से फसल की जाँच करें

गोरखपुर में गन्ना खेती की चुनौतियाँ

गोरखपुर जिले में गन्ना किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:

  1. बाढ़ की समस्या — राप्ती और रोहिन नदियों में बाढ़ से गन्ना फसल को नुकसान होता है
  2. भुगतान में देरी — कभी-कभी मिलों द्वारा भुगतान में विलंब होता है
  3. परिवहन लागत — दूरदराज के गाँवों से मिल तक गन्ना ले जाने में अधिक खर्च
  4. पर्ची की अनियमितता — कभी-कभी पर्ची समय पर नहीं मिलती
  5. गन्ना मूल्य में कमी — उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद मूल्य में अपेक्षित वृद्धि नहीं
  6. जलवायु परिवर्तन — अनियमित बारिश और तापमान में बदलाव से फसल प्रभावित

समाधान:

  • गन्ना समिति के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराएँ
  • CaneUp पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
  • जिला गन्ना अधिकारी से सीधे संपर्क करें
  • किसान संगठनों के माध्यम से अपनी आवाज उठाएँ
  • फसल बीमा योजना का लाभ उठाएँ

निष्कर्ष

गोरखपुर की शुगर मिल्स पूर्वांचल क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए आर्थिक रीढ़ का काम करती हैं। जिले में 3 प्रमुख चीनी मिलें — धुरियापार किसान शुगर मिल्स, पिपरौइच राज्य शुगर निगम और सरदारनगर सराया शुगर मिल्स — किसानों की गन्ना फसल की खरीद और प्रसंस्करण करती हैं। किसानों को CaneUp पोर्टल पर नियमित रूप से पर्ची कैलेंडर और MSP दरों की जाँच करते रहना चाहिए। गन्ना भुगतान समय पर मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए अपना बैंक खाता CaneUp पोर्टल पर अपडेट रखें। गोरखपुर में गन्ना खेती की चुनौतियों के बावजूद, यहाँ के किसान उन्नत किस्मों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके अपनी आय बढ़ा सकते हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: गोरखपुर जिले में कुल कितनी चीनी मिलें हैं?

उत्तर: गोरखपुर जिले में कुल 3 चीनी मिलें हैं — धुरियापार किसान शुगर मिल्स (देईडीहा), यूपी स्टेट शुगर कॉर्पोरेशन (पिपरौइच), और सराया शुगर मिल्स (सरदारनगर)। इनमें से सरदारनगर मिल सबसे बड़ी है जिसकी क्षमता ~7,500 TCD है। धुरियापार एक सहकारी मिल है जबकि पिपरौइच सरकारी मिल है।

Q2: गोरखपुर में गन्ने का MSP (SAP) कितना है?

उत्तर: उत्तर प्रदेश में 2025-26 पेराई सत्र के लिए सामान्य गन्ने का SAP ₹370 प्रति कुंतल और अगेती गन्ने का SAP ₹400 प्रति कुंतल है। यह दर हर वर्ष बदल सकती है। भारत सरकार का FRP ₹365/कुंतल है, लेकिन उत्तर प्रदेश में SAP अधिक है। 2026-27 के लिए नई दरों की घोषणा अक्टूबर-नवंबर 2026 में होने की उम्मीद है।

Q3: गोरखपुर में गन्ना पर्ची कैलेंडर कैसे देखें?

उत्तर: गन्ना पर्ची कैलेंडर देखने के लिए caneup.up.gov.in पोर्टल पर जाएँ, अपना पर्ची नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करें, और “पर्ची कैलेंडर” विकल्प पर क्लिक करें। आप SMS के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं — अपना पर्ची नंबर 092123 57123 पर भेजें। इसके अलावा, अपनी गन्ना समिति के सचिव से भी पर्ची कैलेंडर की जानकारी ले सकते हैं।

Q4: गन्ना भुगतान में देरी होने पर क्या करें?

उत्तर: अगर गन्ना भुगतान 14 दिनों के भीतर नहीं मिलता है, तो सबसे पहले अपनी गन्ना समिति से संपर्क करें। इसके बाद जिला गन्ना अधिकारी (DCO), गोरखपुर से शिकायत करें। आप CaneUp पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अगर फिर भी समाधान न हो, तो उत्तर प्रदेश गन्ना विकास परिषद से संपर्क करें। भुगतान में देरी के लिए मिल पर ब्याज का भी प्रावधान है।

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Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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