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बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गंगनौली 2026 — बिजनौर | जानकारी, क्षमता, पर्ची कैलेंडर

Randhir Patil Randhir Patil Aug 31, 2026 14 min read
बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गंगनौली 2026 — बिजनौर | जानकारी, क्षमता, पर्ची कैलेंडर
अंतिम अपडेट: August 31, 2026 10:10 PM IST — यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

इस आर्टिकल में: CaneUp पर इस पोस्ट में गन्ना किसानों के लिए उपयोगी जानकारी दी गई है — गन्ना पर्ची कैलेंडर, MSP/FRP रेट, भुगतान स्थिति, सरकारी योजनाएं, eGanna App, खेती के टिप्स, और बिज़नेस आइडियाज। यह आर्टिकल नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।

बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गंगनौली उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में स्थित एक प्रमुख चीनी मिल है। बिजनौर जिले में बजाज हिंदुस्थान की दो बड़ी मिलें हैं — बिलाई और गंगनौली। गंगनौली मिल बिजनौर के उत्तरी क्षेत्र के किसानों के लिए विशेष महत्व रखती है। बिजनौर उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक जिलों में से एक है, और गंगनौली मिल इस जिले की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में गिनी जाती है।

इस विस्तृत लेख में हम गंगनौली शुगर मिल की क्षमता, पर्ची कैलेंडर 2026, भुगतान स्थिति, एमएसपी दर, किसानों के लिए उपयोगी सुझाव, संपर्क जानकारी और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देंगे। यदि आप बिजनौर जिले के गन्ना किसान हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा।

रिफ़ौल (Rifaul): CaneUp.xyz पर हम किसान भाइयों को हर चीनी मिल की सटीक जानकारी देने का प्रयास करते हैं। गंगनौली शुगर मिल से जुड़ी हर ज़रूरी बात यहाँ मिलेगी। हम नियमित रूप से इस लेख को अपडेट करते रहते हैं ताकि आपको हमेशा ताज़ा जानकारी मिलती रहे।


गंगनौली शुगर मिल — एक नज़र में (TL;DR)

विवरणजानकारी
मिल का नामबजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गंगनौली
स्थानगंगनौली, बिजनौर, उत्तर प्रदेश
स्वामित्वबजाज हिंदुस्थान लिमिटेड (BHL)
पेराई क्षमतालगभग 12,500 TCD (टन केन डे)
जिलाबिजनौर
गन्ना सत्रनवंबर 2025 — अप्रैल 2026 (अनुमानित)
एमएसपी दर 2025-26₹340/क्विंटल (सामान्य), ₹345/क्विंटल (अगेती प्रजाति)
भुगतान का तरीकाऑनलाइन (DBT)
गन्ना विभाग हेल्पलाइन1800-180-1551 (टोल फ्री)

गंगनौली शुगर मिल का परिचय

बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गंगनौली बिजनौर जिले के गंगनौली क्षेत्र में स्थित है। बिजनौर उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में स्थित एक प्रमुख गन्ना उत्पादक जिला है। गंगनौली मिल इस क्षेत्र के किसानों के लिए गन्ना बेचने का एक सुविधाजनक केंद्र है। यह मिल बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड (BHL) समूह की है, जो भारत की सबसे बड़ी चीनी उत्पादक कंपनी है।

बिजनौर में बजाज की दो मिलें

बिजनौर जिले में बजाज हिंदुस्थान की दो प्रमुख मिलें हैं:

  1. बिलाई शुगर मिल — बिजनौर के दक्षिणी क्षेत्र के लिए
  2. गंगनौली शुगर मिल — बिजनौर के उत्तरी क्षेत्र के लिए

दोनों मिलें मिलकर बिजनौर जिले के अधिकांश गन्ना किसानों को कवर करती हैं। इससे किसानों को अपना गन्ना बेचने के लिए अधिक दूर नहीं जाना पड़ता। दोनों मिलों की कुल पेराई क्षमता बहुत अधिक है, जिससे जिले के सभी किसानों का गन्ना समय पर खरीदा जा सकता है।

गंगनौली क्षेत्र की भौगोलिक विशेषता

गंगनौली बिजनौर जिले का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह गंगा नदी के किनारे स्थित है, जिससे यहाँ की ज़मीन बहुत उपजाऊ है। गंगा के मैदानी क्षेत्र में होने के कारण यहाँ सिंचाई की सुविधा भी अच्छी है। नहरों और ट्यूबवेलों का अच्छा नेटवर्क है, जिससे किसानों को पर्याप्त पानी मिलता है।

यहाँ के किसान पीढ़ियों से गन्ने की खेती कर रहे हैं। गन्ने के अलावा यहाँ गेहूँ, चावल और सरसों भी उगाई जाती है, लेकिन गन्ना सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसल है।


गंगनौली शुगर मिल की पेराई क्षमता (TCD)

गंगनौली शुगर मिल की पेराई क्षमता लगभग 12,500 TCD (टन केन डे) है। यह एक प्रभावशाली क्षमता है जो हजारों किसानों के गन्ने की पेराई सुनिश्चित करती है।

क्षमता विश्लेषण

मापदंडविवरण
पेराई क्षमता12,500 TCD
वार्षिक चीनी उत्पादनलाखों क्विंटल
रिकवरी दर10-12% (अनुमानित)
कार्य अवधिनवंबर से अप्रैल
उप-उत्पादबैगास, मोलासेस, प्रेस मड
विद्युत उत्पादनबैगास से बिजली

रिकवरी दर और किसानों पर प्रभाव

रिकवरी दर से तात्पर्य है कि गन्ने से कितनी चीनी निकलती है। अधिक रिकवरी दर का मतलब है कि किसानों को बेहतर मूल्य मिलता है। रिकवरी दर गन्ने की प्रजाति, मिट्टी की गुणवत्ता, सिंचाई और मौसम पर निर्भर करती है। उन्नत प्रजाति का गन्ना उगाने से रिकवरी दर बेहतर होती है।

उप-उत्पादों का महत्व

चीनी मिल से निकलने वाले उप-उत्पाद भी बहुत महत्वपूर्ण हैं:

  • बैगास: गन्ने का रेशा, जिससे बिजली बनाई जाती है
  • मोलासेस: शीरा, जिससे इथेनॉल बनाया जाता है
  • प्रेस मड: खाद के रूप में उपयोग
  • फ़िल्टर केक: खेतों में खाद के रूप में

गंगनौली शुगर मिल का स्थान और आस-पास के क्षेत्र

स्थान

गंगनौली शुगर मिल बिजनौर जिले के गंगनौली क्षेत्र में स्थित है। बिजनौर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थित एक महत्वपूर्ण जिला है।

आस-पास के प्रमुख क्षेत्र

क्षेत्रदूरी (अनुमानित)विशेषता
बिजनौर शहर~25 किमीजिला मुख्यालय
नगीना~15 किमीप्रमुख बाज़ार
धामपुर~20 किमीगन्ना उत्पादन क्षेत्र
बिलाई~15 किमीअन्य बजाज मिल
नजीबाबाद~30 किमीव्यापारिक केंद्र
मुरादाबाद~60 किमीप्रमुख शहर

गंगनौली के गन्ना ब्लॉक

गंगनौली मिल के अंतर्गत कई गन्ना ब्लॉक आते हैं। इन ब्लॉकों के गाँवों के किसान अपना गन्ना गंगनौली मिल में बेचते हैं। हर ब्लॉक का अपना गन्ना समिति कार्यालय होता है, जहाँ किसान अपनी समस्याओं का समाधान करा सकते हैं।


गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026 — गंगनौली

पर्ची कैलेंडर किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि किस दिन किस किसान को गन्ना लाना है। पर्ची कैलेंडर हर सत्र में नया जारी किया जाता है।

पर्ची कैलेंडर कैसे चेक करें?

चरण 1: उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग की वेबसाइट sugarcane.up.gov.in पर जाएँ।

चरण 2: “पर्ची जारी कैलेंडर” पर क्लिक करें।

चरण 3: जिला — बिजनौर और मिल — गंगनौली चुनें।

चरण 4: गन्ना पंजीकरण नंबर या गाँव का नाम दर्ज करें।

चरण 5: पर्ची कैलेंडर देखें और अपनी तारीख नोट करें। प्रिंटआउट निकालना न भूलें।

पर्ची प्रकार

पर्ची का प्रकारविवरण
सामान्य पर्चीनियमित गन्ना आपूर्ति के लिए
अगेती पर्चीअगेती गन्ने की तुड़ाई के लिए
विशेष पर्चीविशेष परिस्थितियों में जारी

पर्ची कैलेंडर क्यों ज़रूरी है?

  • तय तारीख पर गन्ना बेचने की सुविधा
  • मिल के बाहर लंबी कतारों से बचाव
  • गन्ने की गुणवत्ता बनाए रखना
  • भुगतान में तेज़ी
  • परिवहन लागत में बचत

** याद रखें:** पर्ची में दी गई तारीख और समय का पालन करें। गलत तारीख पर जाने पर गन्ना नहीं लिया जाएगा। पर्ची खो जाने पर गन्ना समिति से दोबारा प्राप्त की जा सकती है।


गन्ना भुगतान स्थिति 2026 — गंगनौली

गंगनौली शुगर मिल द्वारा भुगतान DBT प्रणाली से किया जाता है। भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में आता है। इस प्रणाली के कारण बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।

भुगतान स्थिति कैसे जाँचें?

चरण 1: sugarcane.up.gov.in पर जाएँ।

चरण 2: “भुगतान स्थिति” विकल्प चुनें।

चरण 3: पंजीकरण नंबर दर्ज करें।

चरण 4: भुगतान का विवरण देखें।

भुगतान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

विवरणजानकारी
भुगतान का तरीकाDBT (सीधे बैंक खाते में)
भुगतान की समय-सीमा14 दिन
ब्याजदेरी पर लागू
शिकायत के लिएगन्ना समिति / जिला गन्ना अधिकारी

भुगतान में देरी हो तो क्या करें?

यदि 14 दिनों में भुगतान न मिले:

  1. तौल रसीद की जाँच करें
  2. बैंक खाता विवरण सत्यापित करें
  3. गन्ना समिति में शिकायत दर्ज करें
  4. जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें
  5. टोल फ्री नंबर पर कॉल करें

** प्रो टिप:** भुगतान की स्थिति सप्ताह में एक बार ज़रूर चेक करें। यदि भुगतान नहीं आया है, तो तुरंत गन्ना समिति से संपर्क करें। लिखित शिकायत की रसीद ज़रूर लें।


एमएसपी दर 2025-26 — गन्ना मूल्य

गन्ना मूल्य तालिका

प्रजातिएमएसपी दर (प्रति क्विंटल)
सामान्य गन्ना₹340
अगेती प्रजाति₹345
अनुबंधित गन्नाअनुबंध के अनुसार

गन्ने का मूल्य कैसे तय होता है?

गन्ने का मूल्य कई कारकों पर निर्भर करता है:

  1. SAC (शर्करा प्रतिशत): जितना अधिक SAC, उतना बेहतर मूल्य
  2. प्रजाति: अगेती प्रजाति का मूल्य अधिक मिलता है
  3. गुणवत्ता: साफ और ताज़ा गन्ने का बेहतर मूल्य
  4. सरकारी नीति: एमएसपी सरकार तय करती है

एमएसपी बढ़ने की संभावना

हर साल भारत सरकार गन्ने के FRP में बढ़ोतरी करती है। पिछले कुछ वर्षों में गन्ने का मूल्य लगातार बढ़ रहा है, जो किसानों के लिए अच्छी खबर है। यह किसानों की आय बढ़ाने में मदद करता है।


गंगनौली शुगर मिल — किसानों के लिए उपयोगी सुझाव

1. गन्ने की प्रजाति का चुनाव

  • Co 0238: अधिक रिकवरी, लोकप्रिय प्रजाति
  • Co 0118: अच्छी उपज, रोग प्रतिरोधी
  • Co Lk 94184: नई प्रजाति, बेहतर प्रदर्शन
  • कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें

2. गन्ने की सिंचाई

  • पहली सिंचाई बुआई के बाद 15-20 दिन पर
  • गर्मियों में 10-12 दिनों में सिंचाई
  • बरसात में जल निकासी का प्रबंधन
  • ड्रिप सिंचाई से 30-40% पानी की बचत

3. गन्ना बेचने की तैयारी

  • पर्ची की तारीख से 2 दिन पहले गन्ना काटें
  • पत्तियाँ और मिट्टी साफ करें
  • गन्ने को छाया में रखें (धूप में शर्करा कम होती है)
  • तौल रसीद ज़रूर लें

4. भुगतान से जुड़ी सावधानियाँ

  • बैंक खाता और आधार लिंक होना चाहिए
  • बैंक खाते में मोबाइल नंबर अपडेट हो
  • तौल रसीद की फोटोकॉपी रखें
  • भुगतान न आने पर 7 दिन बाद शिकायत करें

बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गंगनौली — संपर्क जानकारी

संपर्क विवरणजानकारी
मिल का नामबजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गंगनौली
पतागंगनौली, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश
जिलाबिजनौर
गन्ना विभाग हेल्पलाइन1800-180-1551 (टोल फ्री)
आधिकारिक वेबसाइटbajajhindusthan.com
गन्ना विभाग वेबसाइटsugarcane.up.gov.in

बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड — एक भरोसेमंद नाम

बजाज हिंदुस्थान लिमिटेड (BHL) पिछले 90 वर्षों से अधिक समय से चीनी उद्योग में कार्यरत है। कंपनी की प्रतिबद्धता किसानों के कल्याण और गुणवत्तापूर्ण चीनी उत्पादन के प्रति है।

BHL की उत्तर प्रदेश में मिलें

मिल का नामजिला
बरखेरापीलीभीत
बिलाईबिजनौर
बुढ़ानामुजफ्फरनगर
गंगनौलीबिजनौर
गोला गोकरननाथलखीमपुर खीरी
खम्भारखेड़ालखीमपुर खीरी
किनौनीमुजफ्फरनगर
कुंदरखीमुरादाबाद

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: गंगनौली शुगर मिल की पेराई क्षमता कितनी है?

उत्तर: बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गंगनौली की पेराई क्षमता लगभग 12,500 TCD है। यह मिल प्रतिदिन 12,500 टन गन्ने की पेराई कर सकती है। यह बजाज समूह की एक महत्वपूर्ण मिल है।

Q2: गंगनौली मिल में गन्ने का भुगतान कैसे मिलता है?

उत्तर: भुगतान DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है। गन्ना खरीद के 14 दिनों के भीतर भुगतान होना अनिवार्य है।

Q3: गंगनौली मिल के लिए पर्ची कैलेंडर कहाँ देखें?

उत्तर: sugarcane.up.gov.in पर “पर्ची जारी कैलेंडर” में बिजनौर जिला और गंगनौली मिल चुनकर पर्ची कैलेंडर देख सकते हैं। अपना गन्ना पंजीकरण नंबर दर्ज करना होगा।

Q4: गंगनौली और बिलाई मिल में क्या अंतर है?

उत्तर: दोनों बजाज हिंदुस्थान की मिलें हैं, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में हैं। बिलाई बिजनौर के दक्षिणी क्षेत्र के लिए है, जबकि गंगनौली उत्तरी क्षेत्र के किसानों के लिए है। दोनों की पेराई क्षमता लगभग समान है।


गन्ने की खेती में सामान्य गलतियाँ

कई किसान गन्ने की खेती में कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं, जिनसे बचना चाहिए:

  • एक ही प्रजाति बार-बार उगाना — हर 3-4 साल में प्रजाति बदलें
  • अधिक नाइट्रोजन डालना — संतुलित खाद का उपयोग करें
  • सिंचाई का सही समय न जानना — मिट्टी की नमी जाँचकर सिंचाई करें
  • गन्ने की तुड़ाई में देरी करना — पकने पर तुरंत काटें
  • गन्ने को लंबे समय तक खेत में रखना — जल्दी मिल में पहुँचाएँ

गन्ने की फसल में रोग और कीट

गन्ने की फसल कई रोगों और कीटों से प्रभावित हो सकती है। इनसे बचाव के लिए सही जानकारी ज़रूरी है:

प्रमुख रोग:

  • लाल सड़न: गन्ने के तने में लाल रंग की सड़न होती है
  • पत्ती धारी रोग: पत्तियों पर धारियाँ दिखाई देती हैं
  • गलन रोग: गन्ने का तना गल जाता है

प्रमुख कीट:

  • तना छेदक: गन्ने के तने में छेद करता है
  • ऊनी कीट: पत्तियों पर सफेद ऊन जैसा पदार्थ
  • एफिड: पत्तियों का रस चूसता है

बचाव के उपाय:

  • रोग प्रतिरोधी प्रजाति का चयन करें
  • संक्रमित पौधों को तुरंत हटाएँ
  • कीटनाशकों का सही समय पर छिड़काव करें
  • फसल चक्र अपनाएँ
  • कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें

गन्ने की कटाई के बाद देखभाल

गन्ने की कटाई के बाद भी कुछ महत्वपूर्ण काम करने होते हैं:

  • कटाई के बाद गन्ने को छाया में रखें
  • 24-48 घंटे के भीतर मिल में पहुँचाएँ
  • गन्ने को पानी से बचाएँ
  • गन्ने की पत्तियाँ साफ करें
  • गन्ने को सीधा रखें (टेढ़ा रखने से तौल में कमी आती है)

भुगतान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली:

DBT प्रणाली के तहत गन्ने का भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है। इस प्रणाली के कई फायदे हैं:

  • बिचौलियों की भूमिका समाप्त
  • भुगतान में पारदर्शिता
  • समय पर भुगतान
  • किसान को पूरा पैसा सीधे मिलता है

भुगतान का गणना:

भुगतान की गणना निम्नलिखित आधार पर होती है:

कारकविवरण
गन्ने का वज़नक्विंटल में
SAC%शर्करा प्रतिशत
एमएसपी दरप्रति क्विंटल मूल्य
कुल राशिवज़न × SAC × दर

भुगतान में देरी के कारण:

  • बैंक खाते में तकनीकी समस्या
  • आधार-बैंक लिंकिंग की कमी
  • IFSC कोड गलत होना
  • मोबाइल नंबर बैंक में अपडेट न होना
  • मिल की आर्थिक स्थिति

गन्ना परिवहन की विस्तृत जानकारी

गन्ना परिवहन एक महत्वपूर्ण पहलू है जिसे अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है। सही तरीके से गन्ना ले जाने पर गन्ने की गुणवत्ता बनी रहती है और बेहतर मूल्य मिलता है।

परिवहन के लिए सुझाव:

  • ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग करें
  • गन्ने को रस्सी से मज़बूती से बाँधें
  • ओवरलोडिंग से बचें — जुर्माना लग सकता है
  • सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें
  • पर्ची की तारीख के अनुसार योजना बनाएँ
  • गन्ने को ढककर ले जाएँ (धूप और पानी से बचाव)
  • रास्ते में गन्ना न गिरने दें

परिवहन में सामान्य गलतियाँ:

  • ओवरलोडिंग करना
  • गन्ने को बिना बाँधे ले जाना
  • गीले गन्ने का परिवहन करना
  • गलत तारीख पर गन्ना ले जाना
  • बिना पर्ची के गन्ना ले जाना

गन्ने की सिंचाई की विस्तृत जानकारी

गन्ने की फसल के लिए सिंचाई बहुत महत्वपूर्ण है। गन्ने को पूरे सत्र में 8-10 सिंचाई की ज़रूरत होती है।

सिंचाई का समय:

मौसमसिंचाई का अंतराल
गर्मी10-12 दिन
सर्दी15-20 दिन
बरसातज़रूरत के अनुसार

सिंचाई के तरीके:

  • पारंपरिक सिंचाई: नालियों से पानी देना — अधिक पानी लगता है
  • ड्रिप सिंचाई: बूँद-बूँद करके पानी देना — 30-40% पानी की बचत
  • स्प्रिंकलर सिंचाई: फव्वारे से पानी देना — 20-30% पानी की बचत

जल निकासी:

बरसात के मौसम में जल निकासी का उचित प्रबंधन बहुत ज़रूरी है। खेत में पानी जमा होने से गन्ने की जड़ें सड़ सकती हैं और फसल बर्बाद हो सकती है।

जल निकासी के उपाय:

  • खेत में नालियाँ बनाएँ
  • खेत के चारों ओर मेड़ बनाएँ
  • अतिरिक्त पानी बाहर निकालें
  • नहरों की सफाई करें

गन्ने की खेती में सामान्य गलतियाँ

कई किसान गन्ने की खेती में कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं, जिनसे बचना चाहिए:

  • एक ही प्रजाति बार-बार उगाना — हर 3-4 साल में प्रजाति बदलें
  • अधिक नाइट्रोजन डालना — संतुलित खाद का उपयोग करें
  • सिंचाई का सही समय न जानना — मिट्टी की नमी जाँचकर सिंचाई करें
  • गन्ने की तुड़ाई में देरी करना — पकने पर तुरंत काटें
  • गन्ने को लंबे समय तक खेत में रखना — जल्दी मिल में पहुँचाएँ

गन्ने की फसल में रोग और कीट

गन्ने की फसल कई रोगों और कीटों से प्रभावित हो सकती है। इनसे बचाव के लिए सही जानकारी ज़रूरी है:

प्रमुख रोग:

  • लाल सड़न: गन्ने के तने में लाल रंग की सड़न होती है
  • पत्ती धारी रोग: पत्तियों पर धारियाँ दिखाई देती हैं
  • गलन रोग: गन्ने का तना गल जाता है

प्रमुख कीट:

  • तना छेदक: गन्ने के तने में छेद करता है
  • ऊनी कीट: पत्तियों पर सफेद ऊन जैसा पदार्थ
  • एफिड: पत्तियों का रस चूसता है

बचाव के उपाय:

  • रोग प्रतिरोधी प्रजाति का चयन करें
  • संक्रमित पौधों को तुरंत हटाएँ
  • कीटनाशकों का सही समय पर छिड़काव करें
  • फसल चक्र अपनाएँ
  • कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें

गन्ने की कटाई के बाद देखभाल

गन्ने की कटाई के बाद भी कुछ महत्वपूर्ण काम करने होते हैं:

  • कटाई के बाद गन्ने को छाया में रखें
  • 24-48 घंटे के भीतर मिल में पहुँचाएँ
  • गन्ने को पानी से बचाएँ
  • गन्ने की पत्तियाँ साफ करें
  • गन्ने को सीधा रखें (टेढ़ा रखने से तौल में कमी आती है)

गन्ने की सिंचाई की विस्तृत जानकारी

गन्ने की फसल के लिए सिंचाई बहुत महत्वपूर्ण है। गन्ने को पूरे सत्र में 8-10 सिंचाई की ज़रूरत होती है।

सिंचाई का समय:

मौसमसिंचाई का अंतराल
गर्मी10-12 दिन
सर्दी15-20 दिन
बरसातज़रूरत के अनुसार

सिंचाई के तरीके:

  • पारंपरिक सिंचाई: नालियों से पानी देना — अधिक पानी लगता है
  • ड्रिप सिंचाई: बूँद-बूँद करके पानी देना — 30-40% पानी की बचत
  • स्प्रिंकलर सिंचाई: फव्वारे से पानी देना — 20-30% पानी की बचत

जल निकासी:

बरसात के मौसम में जल निकासी का उचित प्रबंधन बहुत ज़रूरी है। खेत में पानी जमा होने से गन्ने की जड़ें सड़ सकती हैं और फसल बर्बाद हो सकती है।

जल निकासी के उपाय:

  • खेत में नालियाँ बनाएँ
  • खेत के चारों ओर मेड़ बनाएँ
  • अतिरिक्त पानी बाहर निकालें
  • नहरों की सफाई करें

निष्कर्ष

बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल गंगनौली बिजनौर जिले के गन्ना किसानों के लिए एक भरोसेमंद औद्योगिक इकाई है। लगभग 12,500 TCD की पेराई क्षमता वाली यह मिल हजारों किसान परिवारों की आजीविका का स्रोत है। मिल की आधुनिक तकनीक और अच्छी प्रबंधन व्यवस्था के कारण किसानों को समय पर भुगतान मिलता है।

किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे पर्ची कैलेंडर समय पर चेक करें, गन्ने की गुणवत्ता बनाए रखें और भुगतान की स्थिति नियमित रूप से देखते रहें। CaneUp.xyz पर गंगनौली और अन्य सभी चीनी मिलों की ताज़ा जानकारी उपलब्ध है। हमारा प्रयास है कि हर किसान को सही और समय पर जानकारी मिल सके।

गन्ना किसानों की जय!

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Randhir Patil
लेखक

Randhir Patil

गन्ना उद्योग विशेषज्ञ — ChiniMandi पर 425+ लेख। गन्ना खेती, शुगर मिल, MSP रेट, सरकारी योजनाओं पर विश्वसनीय जानकारी।

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