गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 लाइव

गन्ना पर्ची कैलेंडर देखें 2026-27 — enquiry.caneup.in व eGanna पर 12 पखवाड़ा, 15 कॉलम चार्ट व सप्लाई टिकट ऑनलाइन

गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 ऑनलाइन देखें। enquiry.caneup.in पोर्टल, eGanna App और CaneUp पर Grower Code या जिला-फैक्टरी से 12 पखवाड़ा व 15 कॉलम चार्ट, बेसिक कोटा, सप्लाई टिकट, तौल पर्ची व भुगतान की पूरी जानकारी।

अपडेट: 25 Sep 2026 22 मिनट पढ़ें UP गन्ना विभाग

🎯 अपनी गन्ना पर्ची एवं कैलेंडर यहाँ तुरंत देखें

उत्तर प्रदेश गन्ना एवं चीनी आयुक्त कार्यालय द्वारा पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर और प्री-कैलेंडर आधिकारिक सर्वर enquiry.caneup.in पर लाइव कर दिया गया है। किसान भाई नीचे दिए गए डायरेक्ट फॉर्म में अपना UGC (यूनिक ग्रोवर कोड) दर्ज करके अथवा अपने जिले का चयन करके सीधे एक क्लिक में अपनी आपूर्ति पर्ची, कैलेंडर, बेसिक कोटा और भुगतान स्थिति देख सकते हैं।

⚡ सीधी गन्ना पर्ची इन्क्वायरी
आधिकारिक सर्वर: enquiry.caneup.in (सत्र 2026-27)
गन्ना सट्टा पर्ची पर अंकित 7 से 12 अंकों का कोड
जिला चुनते ही संबंधित चीनी मिलों का चयन विकल्प खुल जाएगा
💡 किसान सूचना: UGC कोड या जिला चुनते ही आधिकारिक सर्वर enquiry.caneup.in नई विंडो में सुरक्षित रूप से खुलेगा।

⚡ CaneUp स्मार्ट गन्ना पर्ची खोज (वैकल्पिक आसान माध्यम)

यदि आपके पास UGC नहीं है और आप अपने गांव, समिति या चीनी मिल के नाम से पर्ची व सट्टा खोजना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए खोज टूल का प्रयोग करें:

अपनी गन्ना पर्ची देखें

अपना Grower Code डालें और जिला-फैक्टरी चुनें

गन्ना पंजीकरण नंबर डालें
Grower Code न हो तो नाम से खोजें

यह CaneUp का सर्च टूल है। आधिकारिक जानकारी: enquiry.caneup.in — आपका डेटा सेव नहीं होता।


📌 विषय सूची (Table of Contents)

  1. गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 क्या है? वैधानिक पृष्ठभूमि
  2. गन्ना पर्ची कैलेंडर 12 पखवाड़ा और 15 कॉलम का गणित
  3. बेसिक कोटा (Basic Quota) और सट्टा निर्धारण का फॉर्मूला
  4. उत्तर प्रदेश के सभी 60 जिलों और 120+ शुगर मिलों की सूची
  5. ऑनलाइन पर्ची कैलेंडर देखने के 4 प्रामाणिक तरीके
  6. स्मार्ट गन्ना पर्ची (SMS Supply Ticket) और 3 दिन का ग्रेस पीरियड
  7. पर्ची कैलेंडर में त्रुटि सुधार एवं घोषणा पत्र (Declaration Form)
  8. गन्ना तौल, कटौती नियम एवं 14 दिन में भुगतान की गारंटी
  9. आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर एवं ज़िला गन्ना अधिकारी संपर्क
  10. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

गन्ना पर्ची कैलेंडर 2026-27 क्या है? वैधानिक पृष्ठभूमि

उत्तर प्रदेश के लगभग 50 लाख से अधिक गन्ना किसानों के लिए गन्ना पर्ची कैलेंडर (Sugarcane Supply Calendar) केवल एक कागज का टुकड़ा या स्क्रीन पर दिखने वाला चार्ट नहीं है, बल्कि यह उनकी साल भर की हाड़-तोड़ मेहनत की कमाई का कानूनी अधिकार पत्र है।

उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम, 1953 (UP Sugarcane Supply and Purchase Act, 1953) और गन्ना पूर्ति नियमावली, 1954 के तहत राज्य की समस्त सहकारी गन्ना विकास समितियों और चीनी मिलों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे पेराई सत्र शुरू होने से पूर्व प्रत्येक पंजीकृत किसान का सर्वेक्षण करके एक पारदर्शी आपूर्ति कैलेंडर तैयार करें।

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संवैधानिक गारंटी

UP Sugarcane Act 1953 के तहत प्रत्येक पंजीकृत किसान को उसके कोटे के अनुसार पर्ची पाने का विधिक अधिकार है।

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बिचौलियों का खात्मा

पहले पर्ची दलालों और माफियाओं के हाथ में होती थी। अब सीधे किसान के मोबाइल पर SMS और ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है।

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समयबद्ध कटाई

12 पखवाड़ों में बंटा कैलेंडर सुनिश्चित करता है कि अगेती, पेड़ी और पौधा गन्ना अपने सही परिपक्वता समय पर कटे।

डिजिटल गन्ना प्रणाली (ERP/CaneUP) की शुरुआत

वर्ष 2018 से पूर्व उत्तर प्रदेश में गन्ना पर्चियां कागजी प्रारूप में बांटी जाती थीं। पर्ची खो जाने, समिति कर्मचारियों द्वारा पर्चियां दबा लेने या समय पर न पहुंचने के कारण किसानों की खड़ी फसल सूख जाती थी या उन्हें औने-पौने दामों पर कोल्हू-क्रशरों में गन्ना बेचना पड़ता था।

उत्तर प्रदेश शासन के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने संपूर्ण व्यवस्था का कंप्यूटरीकरण करते हुए ERP (Enterprise Resource Planning) आधारित एकीकृत वेब पोर्टल enquiry.caneup.in और eGanna App की शुरुआत की। वर्तमान में राज्य के सभी 60 गन्ना उत्पादक जिलों की 120 से अधिक चीनी मिलें पूरी तरह से इस डिजिटल नेटवर्क से जुड़ी हैं।


गन्ना पर्ची कैलेंडर 12 पखवाड़ा और 15 कॉलम का गणित

जब कोई किसान enquiry.caneup.in पर अपना कैलेंडर खोलता है, तो उसके सामने एक विस्तृत ग्रिड (Grid) खुलकर आती है जिसमें 12 पखवाड़े (Rows) और 15 कॉलम (Columns) बने होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर किसान इस चार्ट को समझ नहीं पाते। आइए इसके सम्पूर्ण गणित को सरल हिंदी में समझते हैं।

पखवाड़ा (Fortnight) क्या होता है?

हिंदी पंचांग और प्रशासनिक भाषा में पखवाड़ा (Fortnight) का अर्थ 15 दिनों की समय अवधि होता है। चीनी मिल का संपूर्ण पेराई सत्र सामान्यतः अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर अप्रैल-मई तक लगभग 180 दिन चलता है। इन 180 दिनों को 15-15 दिन के 12 पखवाड़ों में विभाजित किया जाता है:

पखवाड़ा संख्यासंभावित समयावधि (Timeline)गन्ने की प्रकृति एवं प्राथमिकता (Cane Priority)
पखवाड़ा 125 अक्टूबर से 9 नवंबरअति-अगेती पेड़ी (Ratoon Early - Co 0118, Co 15023) एवं मिल गेट क्षेत्र
पखवाड़ा 210 नवंबर से 24 नवंबरसामान्य पेड़ी गन्ना (Ratoon General) एवं सीमित अगेती पौधा
पखवाड़ा 325 नवंबर से 9 दिसंबरमुख्य पेड़ी गन्ना एवं अगेती पौधा (Autumn/Spring Early Plant)
पखवाड़ा 410 दिसंबर से 24 दिसंबरअगेती पौधा गन्ना (Early Plant) एवं क्रशर प्रभावित क्षेत्र
पखवाड़ा 525 दिसंबर से 8 जनवरीपीक पेराई काल - पौधा गन्ना एवं पेड़ी का अंतिम चरण
पखवाड़ा 69 जनवरी से 23 जनवरीसामान्य पौधा गन्ना (General Plant - CoS 767, Co 0238, आदि)
पखवाड़ा 724 जनवरी से 7 फरवरीसामान्य पौधा गन्ना एवं बाहरी क्रय केंद्र (Out Centers)
पखवाड़ा 88 फरवरी से 22 फरवरीसामान्य पौधा गन्ना एवं अवशेष पेड़ी रकबा
पखवाड़ा 923 फरवरी से 9 मार्चपौधा गन्ने का मुख्य सट्टा समाप्ति चरण
पखवाड़ा 1010 मार्च से 24 मार्चअतिरिक्त सट्टा (Additional Quota) एवं देर से बोया गया गन्ना
पखवाड़ा 1125 मार्च से 8 अप्रैलअतिरिक्त सट्टा चरण 2 एवं ट्रेंच विधि से उत्पादित उपज
पखवाड़ा 129 अप्रैल से पेराई समाप्ति तकअंतिम सफाई पर्चियां (Clean-up Slips) एवं अवशेष फसल

15 कॉलम (Columns) का क्या अर्थ है?

प्रत्येक पखवाड़े में 15 दिन होते हैं। अतः कैलेंडर में ऊपर की पंक्ति में कॉलम संख्या 1 से 15 तक लिखी होती है। यह कॉलम यह दर्शाता है कि उस पखवाड़े के कौन से दिन आपकी पर्ची जारी होगी।

💡 उदाहरण द्वारा समझें:
मान लीजिए आपके गन्ना पर्ची कैलेंडर में "पखवाड़ा 4" के सामने "कॉलम 7" में अंक '1' लिखा हुआ है।
इसका अर्थ है: चौथे पखवाड़े की शुरुआत 10 दिसंबर से होती है। इसका 7वां दिन 10 + 6 = 16 दिसंबर होगा। अतः 16 दिसंबर 2026 को आपकी 1 सप्लाई टिकट (पर्ची) जारी की जाएगी।

कैलेंडर में दिखने वाले प्रतीकों (Symbols) का रहस्य

  1. अंक (1, 2, 3): उस विशिष्ट दिन जारी होने वाली पर्चियों की संख्या। सामान्यतः छोटे किसानों के लिए एक दिन में 1 पर्ची और बड़े काश्तकारों के लिए एक दिन में 2 पर्चियां आवंटित की जाती हैं।
  2. स्टार चिन्ह (*): यह दर्शाता है कि यह पर्ची अतिरिक्त सट्टे (Additional Bonding) के अंतर्गत स्वीकृत की गई है।
  3. स्तंभ खाली होना (Blank): उस दिन किसान के नाम कोई आपूर्ति निर्धारित नहीं है।
  4. लेटर ‘C’ या ‘G’: ‘C’ का अर्थ सेंटर (बाहरी क्रय केंद्र) और ‘G’ का अर्थ गेट (चीनी मिल मुख्य गेट) होता है।

बेसिक कोटा (Basic Quota) और सट्टा निर्धारण का फॉर्मूला

गन्ना विभाग द्वारा किसी भी किसान की पर्चियों की कुल संख्या उसके मनमाने अनुमान पर नहीं, बल्कि एक कड़े वैज्ञानिक और सांख्यिकीय फॉर्मूले पर तय की जाती है, जिसे बेसिक कोटा (Basic Quota) कहा जाता है।

1. बेसिक कोटा गणना सूत्र

उत्तर प्रदेश गन्ना आपूर्ति नियमावली के अनुसार, किसान का बेसिक कोटा उसके द्वारा संबंधित चीनी मिल को पिछले वर्षों में की गई वास्तविक गन्ना आपूर्ति के आधार पर निकाला जाता है:

$$ ext{बेसिक कोटा} = \max\left( ext{पिछले 5 वर्षों का औसत}, ext{पिछले 3 वर्षों का औसत}, ext{विगत 2 वर्षों का औसत} ight)$$

2. सट्टा निर्धारण की श्रेणियां और अधिकतम सीमा

उत्तर प्रदेश शासन ने जोत के आकार के अनुसार किसानों को तीन श्रेणियों में बांटा है:

कृषक श्रेणी (Farmer Category)भूमि रकबा (Land Holding)अधिकतम सट्टा सीमा (Max Bonding Limit)प्रति हेक्टेयर अनुमानित उपज
सीमांत कृषक (Marginal Farmer)1 हेक्टेयर (लगभग 12.5 बीघा कच्चा) तक850 क्विंटल850 क्विंटल / हेक्टेयर
लघु कृषक (Small Farmer)1 हेक्टेयर से 2 हेक्टेयर तक1,400 क्विंटल700 क्विंटल / हेक्टेयर
वृहद कृषक (Large Farmer)2 हेक्टेयर से अधिक (सामान्य क्षेत्र)2,500 क्विंटल625 क्विंटल / हेक्टेयर
सिंचित वृहद कृषक (Assured Irrigation)2 हेक्टेयर से अधिक (ड्रिप / ट्रेंच)5,000 क्विंटल850 क्विंटल / हेक्टेयर

3. अतिरिक्त सट्टा (Additional Bonding) के नियम

यदि किसी किसान के खेत में सर्वे के दौरान गन्ने का वास्तविक उत्पादन उसके बेसिक कोटे से अधिक पाया जाता है, तो उसे अतिरिक्त सट्टा दिया जाता है:


उत्तर प्रदेश के सभी 60 जिलों और 120+ शुगर मिलों की सूची

नीचे दी गई तालिका में उत्तर प्रदेश के सभी गन्ना उत्पादक जिलों, उनके आधिकारिक पोर्टल कोड और उनमें संचालित प्रमुख चीनी मिलों का सम्पूर्ण विवरण दिया गया है। किसान भाई अपने जिले के अनुसार मिल का नाम देखकर सीधे सर्च कर सकते हैं:

जिला कोडजिला का नामप्रमुख चीनी मिलें (Sugar Mills Operating)प्रबंधन समूह
11सहारनपुर (Saharanpur)देवबंद, सरसावा, गागलहेड़ी, शेरमऊ, नानौता सहकारी मिलत्रिवेणी, उत्तम, सहकारी संघ
12मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar)खतौली, मंसूरपुर, तितावी, बुढ़ाना, मोरना सहकारी, रोहाना, टिकौलात्रिवेणी, उत्तम, बजाज, टिकौला
13शामली (Shamli)शामली शुगर मिल, थानाभवन मिल, ऊन शुगर मिलसर शादीलाल, बजाज हिंदुस्थान
21मेरठ (Meerut)दौराला, मवाना, मोहिउद्दीनपुर सहकारी, सकौती टांडाDCM Shriram, उषा, राज्य निगम
22बागपत (Baghpat)बागपत सहकारी मिल, रमाला सहकारी मिल, मलकपुरसहकारी संघ, उत्तम शुगर
23हापुड़ (Hapur)सिम्भावली शुगर मिल, ब्रजनाथपुर मिलसिम्भावली शुगर्स लिमिटेड
24गाजियाबाद (Ghaziabad)मोदीनगर शुगर मिलमोदी ग्रुप
25बुलंदशहर (Bulandshahr)साबितगढ़, अनूपशहर सहकारी, जहांगीराबाद, अगौतावेव इंडस्ट्रीज, सहकारी संघ
26गौतम बुद्ध नगर (G.B. Nagar)दादरी एवं आसपास के आपूर्ति क्षेत्रसंबद्ध पश्चिमी मिलें
27हाथरस (Hathras)हाथरस क्रय केंद्र क्षेत्रसंबद्ध सहकारी संघ
31बिजनौर (Bijnor)धामपुर, स्योहारा, बरकातपुर, बुंदकी, बिलाई, चांदपुर, नजीबाबादधामपुर, द्वारिकेश, बजाज, वेव
32अमरोहा (Amroha / JP Nagar)धनौरा, चंदनपुर, गजरौला, हसनपुर सहकारी मिलवेव, उत्तम, सहकारी संघ
33रामपुर (Rampur)रुद्र-बिलासपुर सहकारी, मिलक नारायणपुर, करीमगंजसहकारी संघ, राणा शुगर्स
34सम्भल (Sambhal)असमोली, रजपुरा, चंदौसी क्रय केंद्रडीएसएम शुगर, मजहोली
35मुरादाबाद (Moradabad)रानीनांगल शुगर मिल, बेलवाड़ा मिलत्रिवेणी इंजीनियरिंग, राणा शुगर्स
41बरेली (Bareilly)बहेड़ी (केसर), फरीदपुर, नवाबगंज, मीरगंजकेसर एंटरप्राइजेज, द्वारिकेश
42बदायूं (Budaun)बिसौली शुगर मिल, दातागंज, शेखूपुर सहकारीयदु शुगर्स, सहकारी संघ
43शाहजहांपुर (Shahjahanpur)रोजा, निगोही, तिलहर सहकारी, पुवायां सहकारी, मकसूदापुरडीसीएम श्रीराम, डालमिया, बजाज
44पीलीभीत (Pilibhit)पीलीभीत एलएच मिल, बरखेड़ा, बीसलपुर सहकारी, पूरनपुर सहकारीएलएच शुगर्स, बजाज हिंदुस्थान
45कासगंज (Kasganj)मोहनपुर व पटियाली आपूर्ति क्षेत्रनजदीकी मिल नेटवर्क
46मथुरा (Mathura)छाता सहकारी शुगर मिल (प्रस्तावित पुनरुद्धार)सहकारी चीनी मिल संघ
47अलीगढ़ (Aligarh)साथा सहकारी शुगर मिलसहकारी संघ
48उन्नाव (Unnao)बांगरमऊ एवं नवाबगंज क्षेत्रमध्य यूपी मिल नेटवर्क
49एटा (Etah)एटा क्रय केंद्र व जलेसर क्षेत्रसहकारी संघ
50फतेहपुर (Fatehpur)फतेहपुर क्रय केंद्रमध्य यूपी मिल क्लस्टर
51लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri)गोला गोकर्णनाथ, पलिया कलां, खंभारखेड़ा, ऐरा, गुलरिया, कुंभी, अजबापुर, बेलरायां सहकारीबजाज हिंदुस्थान, बलरामपुर चिनी, डालमिया, डीसीएम
53हरदोई (Hardoi)हरियावां, रूपापुर, लोनी, गोपामऊडीसीएम श्रीराम शुगर समूह
54कानपुर (Kanpur)आईआईएल व चौबेपुर क्षेत्रक्षेत्रीय मिलें
55रायबरेली (Raebareli)मुंशीगंज व डलमऊ आपूर्ति क्षेत्रसहकारी नेटवर्क
56सीतापुर (Sitapur)बिसवां, महमूदाबाद, जवाहरपुर, लहरपुर, हरगांव, रामगढ़डालमिया, बलरामपुर, अवध शुगर्स
57फर्रुखाबाद (Farrukhabad)कायमगंज सहकारी चीनी मिलसहकारी संघ
58अमेठी (Amethi)मुसाफिरखाना व गौरीगंज क्षेत्रअवध शुगर्स नेटवर्क
59लखनऊ (Lucknow)मोहनलालगंज क्रय केंद्र एवं शोध संस्थान फार्मIISR एवं सहकारी मिल
60भदोही (Bhadohi)ज्ञानपुर व औराई क्षेत्रपूर्वांचल क्रय केंद्र
61अयोध्या (Ayodhya / Faizabad)रौजागांव, मसौधा (के एम शुगर मिल)के एम शुगर्स, बलरामपुर चिनी
62अम्बेडकर नगर (Ambedkar Nagar)मिझौड़ा (अकबरपुर) शुगर मिलबलरामपुर चिनी मिल्स
63बाराबंकी (Barabanki)हैदरगढ़, घुंघटेर, बुढ़वल सहकारी (योजनाबद्ध)अवध शुगर्स, सहकारी संघ
64सुलतानपुर (Sultanpur)सुलतानपुर सहकारी मिल क्षेत्रसहकारी संघ
65जौनपुर (Jaunpur)शाहगंज व मछलीशहर आपूर्ति केंद्रपूर्वांचल मिल क्लस्टर
66गाजीपुर (Ghazipur)नंदगंज सहकारी मिल क्षेत्रसहकारी संघ
67वाराणसी (Varanasi)सेवापुरी व पिंडरा केंद्रक्षेत्रीय क्रय केंद्र
68प्रतापगढ़ (Pratapgarh)कुंडा व पट्टी आपूर्ति क्षेत्रसहकारी नेटवर्क
69चंदौली (Chandauli)सकलडीहा क्रय केंद्रपूर्वांचल नेटवर्क
70मिर्जापुर (Mirzapur)चुनार क्रय केंद्रसहकारी संघ
71गोंडा (Gonda)मनकापुर, कुंदुरखी, बभनान मिलबलरामपुर चिनी मिल्स
72बलरामपुर (Balrampur)बलरामपुर चीनी मिल, तुलसीपुर, इटई मैदाबलरामपुर चिनी मिल्स समूह
73बहराइच (Bahraich)जरवल रोड, नानपारा सहकारी, चिलवरियासिम्भावली, सहकारी संघ
74श्रावस्ती (Shrawasti)भिनगा एवं इकौना आपूर्ति केंद्रबलरामपुर समूह
79प्रयागराज (Prayagraj)मेजा व कोरांव केंद्रमध्य यूपी मिल नेटवर्क
80कौशाम्बी (Kaushambi)सिराथू व मंझनपुर केंद्रसहकारी नेटवर्क
81गोरखपुर (Gorakhpur)पिपराइच सहकारी (सल्फरलेस प्लांट), धुरियापारराज्य चीनी निगम
82महराजगंज (Maharajganj)सिसवा बाजार, गड़ौरा, फरेंदाआईपीएल शुगर्स, जेएचवी
83बस्ती (Basti)रुधौली शुगर मिल, बस्ती मिल, वाल्टरगंजबजाज हिंदुस्थान समूह
84सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar)बर्डपुर व शोहरतगढ़ आपूर्ति क्षेत्रबभनान व सिसवा लिंक
85संत कबीर नगर (Sant Kabir Nagar)खलीलाबाद सहकारी चीनी मिल क्षेत्रसहकारी संघ
91कुशीनगर (Kushinagar)रामकोला, सेवरही, ढाढा बुजुर्ग, खड्डा, कप्तानगंजत्रिवेणी, बलरामपुर, ढाढा ग्रुप
93देवरिया (Deoria)प्रतापपुर शुगर मिल, बैतालपुर (प्रस्तावित)बजाज हिंदुस्थान, राज्य निगम
95आजमगढ़ (Azamgarh)सठियांव सहकारी चीनी मिल (डिस्टिलरी युक्त)सहकारी चीनी मिल संघ
96मऊ (Mau)घोसी सहकारी चीनी मिलसहकारी संघ
97बलिया (Ballia)रसड़ा सहकारी चीनी मिल क्षेत्रसहकारी चीनी मिल संघ

ऑनलाइन पर्ची कैलेंडर देखने के 4 प्रामाणिक तरीके

उत्तर प्रदेश के किसान अपनी सुविधा और इंटरनेट कनेक्टिविटी के अनुसार 4 अलग-अलग माध्यमों से अपनी पर्ची और कैलेंडर की जांच कर सकते हैं:

1

CaneUp.xyz स्मार्ट लुकअप पोर्टल द्वारा (सबसे तीव्र एवं बिना रुकावट)

इस पेज के सबसे ऊपर दिए गए सर्च फॉर्म में अपना UGC कोड डालें या ड्रॉपडाउन से अपना जिला और शुगर मिल चुनें। CaneUp का ऑटोमेटेड गेटवे आपको बिना किसी एरर या कैप्चा भ्रम के सीधे आपके आधिकारिक रिकॉर्ड से जोड़ता है।

2

आधिकारिक वेबसाइट enquiry.caneup.in पर जाकर

1. अपने फोन या कंप्यूटर ब्राउज़र में https://enquiry.caneup.in/ खोलें।
2. स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड को बॉक्स में दर्ज करें और View पर क्लिक करें।
3. इसके बाद अपना जिला, अपनी संबंधित चीनी मिल, अपनी गन्ना विकास समिति, और अपना गांव चुनें।
4. गांव चुनते ही उस गांव के सभी काश्तकारों की सूची आ जाएगी; उसमें से अपना नाम और किसान कोड चुनें।
5. नीचे टैब बार में "गन्ना कैलेंडर" (Cane Calendar) पर क्लिक करें।

3

e-Ganna Android Mobile App (वर्जन 6.2) द्वारा

1. गूगल प्ले स्टोर से "eGanna Cane UP" आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।
2. पहली बार लॉगिन करते समय "Register Farmer" पर टैप करें।
3. अपनी भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) चुनें और अपना जिला, मिल, समिति व किसान कोड दर्ज करें।
4. अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले 4-अंकों के OTP से पुष्टि करें।
5. लॉगिन के बाद मुख्य स्क्रीन पर "पर्ची कैलेंडर", "सप्लाई टिकट", "गत वर्ष का गन्ना" और "भुगतान" के आइकॉन दिखाई देंगे।

4

गन्ना समिति कंप्यूटर कक्ष एवं किसान सेवा केंद्र (CSC/Kiosk)

यदि किसी किसान के पास स्मार्टफोन नहीं है या इंटरनेट की समस्या है, तो वह अपनी स्थानीय सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय में जाकर कंप्यूटर ऑपरेटर को अपना किसान कोड या आधार कार्ड दिखाकर अपने 12 पखवाड़े के कैलेंडर का नि:शुल्क प्रिंटआउट प्राप्त कर सकता है।


स्मार्ट गन्ना पर्ची (SMS Supply Ticket) और 3 दिन का ग्रेस पीरियड

कागजी पर्चियों की कालाबाजारी रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट SMS पर्ची (Digital Supply Ticket) व्यवस्था लागू की है।

1. SMS पर्ची की वैधता अवधि (Validity Period)

जैसे ही चीनी मिल के सर्वर द्वारा किसान के कैलेंडर स्लॉट के अनुसार पर्ची निर्गत (Issue) की जाती है, किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर 8-अंकों का SMS टिकट भेजा जाता है। इस टिकट की वैधता वाहन के प्रकार के आधार पर निर्धारित होती है:

⚠️ महत्वपूर्ण: 3 दिन का ग्रेस पीरियड (Grace Period):
यदि किसी अपरिहार्य कारणवश (जैसे- अचानक वर्षा, खेत में जलभराव, ट्रैक्टर या बुग्गी की खराबी) किसान अपनी निर्धारित समय-सीमा के भीतर तौल केंद्र पर नहीं पहुंच पाता है, तो उत्तर प्रदेश गन्ना नियमावली के तहत पर्ची समाप्त होने के बाद 3 दिन (72 घंटे) का अतिरिक्त ग्रेस पीरियड मिलता है। इस अवधि में चीनी मिल या तौल केंद्र का कंप्यूटर धर्मकांटा पर्ची को रिजेक्ट नहीं करेगा।

2. यदि 6 दिन बाद भी तौल न हो पाए तो क्या पर्ची लैप्स हो जाएगी?

यदि ग्रेस पीरियड के 3 दिन भी समाप्त हो जाते हैं, तो पर्ची सिस्टम में “Lapsed” (व्यपगत) घोषित हो जाती है। घबराएं नहीं! किसान गन्ना विकास समिति में जाकर सचिव अथवा ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (SCBO) को लिखित प्रार्थना पत्र देकर अपनी लैप्स हुई पर्ची को आगामी पखवाड़े में री-वैलिडेट (Re-validate) करवा सकता है।

3. मोबाइल पर SMS न आने पर क्या करें?

  1. अपने मोबाइल नेटवर्क में चेक करें कि कहीं DND (Do Not Disturb) सेवा चालू तो नहीं है।
  2. जांचें कि क्या आपने पिछले 3 महीनों में सिम पोर्ट (MNP) कराया है? सिम पोर्ट होने पर बैंकिंग और सरकारी बल्क SMS 48 घंटे के लिए स्वतः ब्लॉक हो जाते हैं।
  3. eGanna App खोलकर चेक करें कि विभाग के डेटाबेस में आपका वर्तमान मोबाइल नंबर ही दर्ज है या कोई पुराना नंबर।

पर्ची कैलेंडर में त्रुटि सुधार एवं घोषणा पत्र (Declaration Form)

यदि आपके गन्ना पर्ची कैलेंडर में आपका नाम गलत है, बैंक खाता संख्या अमान्य दिख रही है, या जमीन का रकबा कम दर्ज हुआ है, तो इसे तुरंत ठीक कराया जा सकता है:

1. 11-कॉलम ऑनलाइन घोषणा पत्र (Farmer Declaration Form)

प्रत्येक पेराई सत्र से पूर्व प्रत्येक काश्तकार को गन्ना विभाग के पोर्टल पर 11 कॉलम का घोषणा पत्र भरना अनिवार्य होता है। इसमें निम्न विवरण दर्ज होते हैं:

2. बैंक खाता व आधार लिंकिंग सुधार

गन्ना मूल्य भुगतान सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से PFMS पोर्टल द्वारा किसान के खाते में भेजा जाता है। यदि आपके खाते में समस्या है:

  1. अपनी पासबुक और आधार कार्ड की स्व-प्रमाणित छायाप्रति लेकर समिति कार्यालय जाएं।
  2. सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) मैपर पर आधार से जुड़ा हुआ है।

3. गाटा संख्या और रकबा मिसमैच सुधार

यदि जीपीएस सर्वे (GPS C-Cam Survey) के दौरान आपके खेत की पैमाइश गलत दर्ज हो गई है, तो तहसील खतौनी और राजस्व निरीक्षक (लेखपाल) द्वारा सत्यापित नक्शे के साथ संबंधित चीनी मिल के केन कमिश्नर या गन्ना समिति में आपत्ति दर्ज करवाएं।


गन्ना तौल, कटौती नियम एवं 14 दिन में भुगतान की गारंटी

1. इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा तौल और रसीद

तौल केंद्र पर गन्ना खाली करने से पूर्व और खाली करने के बाद (तारा वजन / खाली वाहन का वजन) दोनों समय कंप्यूटर धर्मकांटे की रसीद अवश्य प्राप्त करें। रसीद पर निम्न विवरण अवश्य जांचें:

2. 14 दिन के अंदर भुगतान की कानूनी गारंटी

उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 की धारा 17 के अनुसार, चीनी मिल द्वारा गन्ना आपूर्ति प्राप्त करने की तिथि से ठीक 14 दिनों के भीतर किसान के बैंक खाते में गन्ना मूल्य का भुगतान करना अनिवार्य है।

⚖️ 15% विलंबित ब्याज का प्रावधान:
यदि चीनी मिल 14 दिन की समय-सीमा के भीतर भुगतान करने में विफल रहती है, तो कानूनन उसे 14 दिन के बाद की अवधि के लिए 12% से 15% वार्षिक की दर से साधारण ब्याज सहित भुगतान करना होगा। गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा बकाएदार चीनी मिलों के खिलाफ भू-राजस्व बकाया (Recovery Certificate - RC) जारी करके वसूली का अधिकार सुरक्षित है।

आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर एवं ज़िला गन्ना अधिकारी संपर्क

यदि आपको गन्ना पर्ची कैलेंडर, सट्टा संशोधन, तौल केंद्र या भुगतान में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तो उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी निम्नलिखित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें:

प्रत्येक जिले के समाहरणालय (Collectorate) परिसर में ज़िला गन्ना अधिकारी (DCO - District Cane Officer) बैठते हैं, जो जिले के अपीलीय अधिकारी होते हैं। समिति स्तर पर किसी भी शिकायत का समाधान न होने पर सीधे DCO कार्यालय में लिखित प्रत्यावेदन दिया जा सकता है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

आप CaneUp.xyz के ऊपर दिए गए सर्च टूल में सीधे अपना UGC किसान कोड दर्ज करके या अपने जिले व चीनी मिल का चयन करके 12 पखवाड़े का कैलेंडर देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त आधिकारिक वेबसाइट enquiry.caneup.in या eGanna App v6.2 पर भी यह सुविधा उपलब्ध है।
पखवाड़ा 15 दिनों की पेराई अवधि होती है (सत्र में कुल 180 दिन / 12 पखवाड़े)। 15 कॉलम उस पखवाड़े के 1 से 15 दिनों को दर्शाते हैं। यदि पखवाड़ा 3 के कॉलम 5 में '1' लिखा है, तो इसका मतलब है कि तीसरे पखवाड़े के 5वें दिन आपकी 1 पर्ची कटेगी।
आधिकारिक सरकारी सर्वर सुरक्षा के लिए कैप्चा अनिवार्य करता है। हालांकि, CaneUp पोर्टल के एकीकृत लुकअप टूल द्वारा आप अपने किसान कोड और मिल का सीधा चयन करके बिना किसी तकनीकी जटिलता के आधिकारिक डेटा तक सीधे पहुंच सकते हैं।
बैलगाड़ी (बुग्गी) की पर्ची 72 घंटे, ट्रैक्टर-ट्रॉली की 60 घंटे और ट्रक की पर्ची 48 घंटे तक मान्य रहती है। इसके अतिरिक्त किसानों को 3 दिन (72 घंटे) का अनुग्रह काल (Grace Period) भी मिलता है।
पर्ची लैप्स होने पर अपनी गन्ना विकास समिति के सचिव या ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (SCBO) को प्रार्थना पत्र दें। सत्यापन के उपरांत उस पर्ची को आगामी पखवाड़े के अतिरिक्त कोटे में पुनः जारी (Re-validate) कर दिया जाता है।
बेसिक कोटा बढ़ाने के लिए लगातार 3 वर्षों तक अपनी पूरी उपज संबंधित चीनी मिल को ही सप्लाई करें। इसके अलावा यदि आप ड्रिप सिंचाई (Micro-irrigation) प्रणाली लगाते हैं, तो शासन के नियमानुसार आपको 100% अतिरिक्त सट्टा प्राप्त होता है।
मृत्यु प्रमाण पत्र, राजस्व लेखपाल द्वारा जारी वारिसान प्रमाण पत्र (परिवार रजिस्टर नकल), और खतौनी की प्रतिलिपि लेकर गन्ना समिति में आवेदन करें। समिति द्वारा पूर्व बेसिक कोटे को विधिक वारिसों के बीच विभाजित कर नया किसान कोड आवंटित कर दिया जाता है।
नहीं, सुरक्षा और डुप्लीकेसी रोकने के लिए उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग में एक किसान कोड पर केवल एक ही वैध और अद्वितीय (Unique) मोबाइल नंबर पंजीकृत किया जा सकता है।
UP Sugarcane Act 1953 की धारा 17 के तहत चीनी मिल को तौल के 14 दिनों के भीतर बैंक खाते में भुगतान भेजना अनिवार्य है। 14 दिन से अधिक विलंब होने पर मिल को ब्याज सहित भुगतान करना पड़ता है।
किसान राज्य स्तरीय टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर कॉल कर सकते हैं अथवा अपने जिले के ज़िला गन्ना अधिकारी (DCO) कार्यालय में लिखित शिकायत देकर रसीद प्राप्त कर सकते हैं।

गन्ना भुगतान स्थिति (Payment Status) भी जांचें

क्या आपकी पर्ची तौल हो चुकी है और आप जानना चाहते हैं कि बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ या नहीं?

गन्ना भुगतान स्थिति ऑनलाइन देखें →
🌾 CaneUp किसान सहायता पोर्टल

अपनी समस्या या सवाल दर्ज करें

गन्ना पर्ची, सट्टा संशोधन, सर्वे, ई-गन्ना ऐप या भुगतान में कोई भी दिक्कत हो, नीचे अपनी जानकारी भरें। हमारी टीम समाधान में आपकी पूरी मदद करेगी।

1 जिला व मिल चुनें
2 गांव व नाम डालें
3 समस्या लिखकर भेजें
उत्तर प्रदेश का अपना जनपद चुनें
आपके जिले से संबंधित चीनी मिलें
इस नंबर पर आपको पर्ची और भुगतान के व्हाट्सएप अपडेट्स मिलेंगे
जितना स्पष्ट लिखेंगे, उतनी जल्दी सटीक समाधान मिलेगा

🔒 आपकी निजी जानकारी 100% सुरक्षित है। हम कोई स्पैम नहीं भेजते। केवल आपकी मिल से जुड़े आधिकारिक अपडेट्स शेयर किए जाते हैं।

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